Editorial Policy

संपादकीय नीति (Editorial Policy)

अंतिम अपडेट: [1 Aug 2026]

सरकारी योजनाओं की जानकारी में एक छोटी सी ग़लती भी किसी का आवेदन रद्द करा सकती है, या उसे बेवजह दस्तावेज़ बनवाने में समय और पैसा ख़र्च करा सकती है। इसलिए हम जानकारी लिखने में कुछ तय नियमों का पालन करते हैं।

1. पहले आधिकारिक स्रोत

हमारी प्राथमिकता का क्रम यह है:

  1. संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज़ और अधिसूचनाएं
  2. योजना का आधिकारिक सरकारी पोर्टल
  3. सरकार या मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणाएं
  4. प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों की रिपोर्ट

जहाँ आधिकारिक दस्तावेज़ और समाचार रिपोर्ट में फ़र्क़ हो, वहाँ हम आधिकारिक दस्तावेज़ को ही सही मानते हैं और ज़रूरत पड़ने पर यह भी बताते हैं कि पहले की ख़बरों में क्या अलग बताया जा रहा था।

2. जो पक्का नहीं, उसे पक्का नहीं लिखते

अगर सरकार ने किसी बात पर अभी स्पष्टीकरण नहीं दिया है, तो हम अनुमान लगाकर उसे तथ्य की तरह पेश नहीं करते। ऐसी जगह हम साफ़ लिखते हैं कि “यह अभी घोषित नहीं हुआ है।”

इसी तरह, अगर अलग-अलग विश्वसनीय स्रोत अलग-अलग बात कह रहे हों, तो हम सबसे सुविधाजनक आंकड़ा चुनकर नहीं लिखते — हम बताते हैं कि मतभेद है और पाठक को कहाँ से पुष्टि करनी चाहिए।

3. फ़र्ज़ी लिंक कभी नहीं

हम कभी भी किसी सरकारी पोर्टल का अनुमानित या अपुष्ट पता प्रकाशित नहीं करते। जब तक आधिकारिक लिंक की पुष्टि न हो जाए, हम साफ़ लिखते हैं कि लिंक अभी जारी नहीं हुआ है।

ग़लत सरकारी लिंक प्रकाशित करने से लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं, इसलिए इस मामले में हम कोई जोखिम नहीं लेते।

4. नियमित अपडेट

सरकारी योजनाओं की जानकारी तेज़ी से बदलती है। हम:

  • हर पेज पर “अंतिम अपडेट” की तारीख़ दिखाते हैं
  • नई आधिकारिक जानकारी आने पर पुराने पेज सुधारते हैं
  • ग़लती पता चलने पर उसे चुपचाप हटाने के बजाय सुधारकर तारीख़ बदलते हैं

5. ग़लती सुधारने की नीति

अगर हमारी किसी जानकारी में ग़लती पाई जाती है, तो हम उसे जल्द से जल्द सुधारते हैं। अगर ग़लती बड़ी हो और उससे किसी के निर्णय पर असर पड़ सकता हो, तो हम उस पेज पर यह भी बताते हैं कि पहले क्या लिखा था और अब क्या सही है।

पाठक Contact Us पेज के ज़रिए किसी भी ग़लती की सूचना दे सकते हैं।

6. भाषा और पहुँच

हमारे पाठक अक्सर मोबाइल फ़ोन पर, सीमित इंटरनेट के साथ पढ़ते हैं, और उनमें से बहुत सी महिलाएं पहली बार कोई सरकारी फ़ॉर्म भर रही होती हैं। इसलिए हम:

  • सरल हिंदी में लिखते हैं, सरकारी भाषा की नक़ल नहीं करते
  • अंग्रेज़ी शब्द वहीं रखते हैं जहाँ वे पोर्टल पर उसी रूप में दिखते हैं
  • पेज को हल्का रखते हैं ताकि धीमे इंटरनेट पर भी खुल जाए

7. विज्ञापन और सामग्री अलग हैं

इस वेबसाइट पर तीसरे पक्ष के विज्ञापन दिख सकते हैं, लेकिन विज्ञापन देने वाले हमारी सामग्री को प्रभावित नहीं करते। हम किसी सेवा, एजेंट या बिचौलिए का प्रचार नहीं करते, और न ही किसी भुगतान के बदले जानकारी लिखते या छिपाते हैं।

8. पाठक की सुरक्षा सबसे पहले

हम लगातार यह बताते रहते हैं कि आवेदन निःशुल्क है, OTP किसी को नहीं देना चाहिए, और सरकारी पोर्टल का पता .gov.in पर ख़त्म होता है। यह जानकारी दोहराव लग सकती है, लेकिन ठगी से बचाने के लिए ज़रूरी है।

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